एसएमएएम योजना 2025-26: किसानों को 50% खेती उपकरण सब्सिडी का मौका पूरी जानकारी
यह योजना खासकर उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्यों में लागू की गई है ताकि किसान कम लागत में आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को और लाभदायक बना सकें।
क्या है SMAM योजना?
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) केंद्र एवं राज्य सरकार का साझा कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य किसानों को कृषि मशीनरी पर वित्तीय सहायता प्रदान कर खेती को आधुनिक और तीव्र बनाना है। इस योजना के तहत किसान कृषि मशीनों की खरीद पर 40% से 50% तक सब्सिडी पा सकते हैं।
यूपी में यह योजना विशेष रूप से छोटे, सीमांत और अनुसूचित जाति के किसानों के लिए लागू की गई है ताकि वे महंगी मशीनें आसानी से खरीद सकें।
किस तरह की मशीनों पर मिलेगा सब्सिडी?
एसएमएएम योजना 2025-26 के तहत आधुनिक खेती और फसल प्रबंधन में उपयोगी कई मशीनों पर सब्सिडी दी जा रही है, जैसे:
✅ ट्रैक्टर और पावर टिलर
✅ रोटावेटर, हैरो
✅ स्प्रेयर, मल्टी क्रॉप थ्रेशर
✅ पुश सीड ड्रिल
✅ ड्रोन और फसल प्रबंधन उपकरण
✅ फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र
इन मशीनों को आम तौर पर बाजार में पूरी कीमत पर खरीदना कठिन होता है, इसलिए 50% तक सब्सिडी मिलने से किसानों का खर्च बहुत कम हो जाता है।
कितनी सब्सिडी मिलती है?
योजना के तहत किसानों को मशीन की वास्तविक लागत का 50% तक सब्सिडी दी जाती है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई किसान ₹1,00,000 मूल्य की मशीन खरीदता है, तो सरकार उसे ₹50,000 तक सहायता देगी, और किसान को केवल ₹50,000 ही खर्च करने होंगे।
यह सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर होती है।
आवेदन कब तक कर सकते हैं?
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया पहले से ऑनलाइन शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 16 फरवरी से पहले अपना आवेदन पूर्ण कर लें ताकि उन्होंने सब्सिडी का लाभ पा सकें।
कैसे करें आवेदन?
किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
- आधिकारिक कृषि विभाग या राज्य सरकार के पोर्टल (जैसे शासकीय “कृषि दर्शन” वेबसाइट) पर जाएं
- “यंत्र बुकिंग / सब्सिडी आवेदन” वाला विकल्प चुनें
- अपना आधार, बैंक और फसल विवरण भरें
- मशीन का चयन करें और सब्सिडी आवेदन सबमिट करें
- आवेदन सफल होने पर रसीद/प्रिंटआउट सुरक्षित रखें
सब्सिडी मिलने के बाद मशीन खरीद के इनवॉइस की कॉपी भी अपलोड करनी पड़ सकती है, ताकि डीबीटी के जरिए सब्सिडी सीधे खाते में आए।
योजना से किसानों को क्या फायदा है?
- खेती में लागत कम होती है
- आधुनिक तकनीक अपनाने का मौका मिलता है
- मशीनों से काम जल्दी और सटीक होता है
- समय की बचत और उत्पादन क्षमता बढ़ती है
- किसानों की आय में स्थिरता आती है
SMAM जैसी योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को मशीनों तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है, जिससे वे खेती को अधिक वैज्ञानिक और लचित रूप से कर पाते हैं।
मुख्य बिंदु संक्षेप में
- योजना का नाम: Sub Mission on Agricultural Mechanization (SMAM) 2025-26
- लाभार्थी: छोटे, सीमांत, अनुसूचित जाति एवं सामान्य किसान
- सब्सिडी: कृषि मशीनों पर 50% तक
- आवेदन की अंतिम तिथि: 16 फरवरी तक
अगर आप खेती को आसान और ज्यादा प्रभावी बनाना चाहते हैं, तो जल्दी से SMAM योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करें और आधुनिक कृषि मशीनों पर मिलने वाली 50% सब्सिडी का लाभ उठाएं!
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