सरकार ने UPI और RuPay इंसेंटिव स्कीम के बजट में करीब 10% की कटौती की
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में डिजिटल पेमेंट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और करोड़ों लोग रोज़ाना UPI और RuPay कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
UPI और RuPay इंसेंटिव स्कीम क्या है?
सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को इंसेंटिव देने की व्यवस्था की थी। इसके तहत:
- छोटे दुकानदारों से UPI पेमेंट पर कोई MDR
- (Merchant Discount Rate) नहीं लिया जाता
- बैंकों को सरकार की ओर से इंसेंटिव दिया जाता है
- RuPay डेबिट कार्ड से लेनदेन को भी बढ़ावा मिलता है
इसका मकसद था कि कैशलेस ट्रांजैक्शन बढ़े और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
बजट में कटौती क्यों की गई?
सरकार का मानना है कि अब UPI और RuPay सिस्टम काफी हद तक स्थिर और आत्मनिर्भर हो चुका है। डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता देशभर में बढ़ गई है और उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इसी वजह से सरकार ने इस इंसेंटिव स्कीम के बजट को थोड़ा कम करने का फैसला किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि योजना बंद की जा रही है, बल्कि यह संकेत है कि सरकार अब इस सेक्टर को धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।
क्या UPI इस्तेमाल करने वालों पर असर पड़ेगा?
आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल:
- UPI पेमेंट मुफ्त ही रहेगा
- RuPay कार्ड से लेनदेन पर भी कोई सीधा शुल्क नहीं लगाया गया है
हालांकि, लंबे समय में बैंकों और पेमेंट कंपनियों पर इंसेंटिव कम मिलने का असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोई योजना नहीं है।
छोटे व्यापारियों को क्या चिंता करनी चाहिए?
छोटे दुकानदार और व्यापारी UPI पर निर्भर हैं। फिलहाल सरकार की तरफ से यह साफ संकेत नहीं दिया गया है कि MDR दोबारा लागू किया जाएगा। यानी अभी:
- दुकानदारों से UPI पर कोई चार्ज नहीं
- डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की नीति जारी
हालांकि भविष्य में नीति में बदलाव होता है या नहीं, इस पर नजर रखनी होगी।
सरकार का फोकस अब किस पर है?
सरकार अब डिजिटल पेमेंट सिस्टम को:
- ज्यादा सुरक्षित बनाने
- साइबर फ्रॉड रोकने
- टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने
पर ज्यादा ध्यान दे रही है। बजट में कटौती का मतलब यह नहीं कि डिजिटल इंडिया की दिशा बदली है, बल्कि फोकस को नए क्षेत्रों में शिफ्ट किया जा रहा है।
डिजिटल भुगतान का भविष्य क्या होगा?
भारत आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट बाजारों में शामिल है। UPI का इस्तेमाल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई देशों में इसे अपनाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- UPI और RuPay का इस्तेमाल आगे भी बढ़ेगा
- सरकार धीरे-धीरे इंसेंटिव कम करके सिस्टम को आत्मनिर्भर बनाएगी
- नई तकनीक और सुरक्षा उपायों पर निवेश बढ़ेगा
आधिकारिक जानकारी कहां देखें?
डिजिटल पेमेंट और UPI से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार और NPCI से जुड़े पोर्टल देख सकते हैं:
https://www.digitalindia.gov.in
अगर आप डिजिटल इंडिया, बजट, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट पर मौजूद दूसरे आर्टिकल भी जरूर देखें।
इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट दोगुना
